ग़ौरतलब है कि नेतनयाहू सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों की सीमित करने के लिए संसद से एक प्रस्ताव पारित करने की योजना बना रहे हैं, जिसे उनके विरोधी संविधान के ख़िलाफ़ तख़्तापलट बता रहे हैं।
नेतनयाहू सरकार की इस कोशिश की वजह से इस्राईली पूरी तरह से दो हिस्सों में बंट गए हैं और सरकार के ख़िलाफ़ अभूतपूर्व विशाल प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।
अरबी 110 वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक़, 110 इस्राईली सैन्य पायलटों ने ज़ायोनी रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को पत्र लिखकर धमकी दी है कि अगर नेतनयाहू न्यायपालिका के अधिकार सीमित करती है तो वे स्वेच्छा से सेना छोड़ देंगे।
इस्राईली पायलटों का कहना है कि क़ानूनी तख़्तापलट से इस्राईल में हालात बहुत बुरे हो जायेंगे और वे भी विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ सड़कों पर उतर जायेंगे।
उनका कहना था कि हम राजनेता या दंगाई नहीं हैं, हम सिर्फ़ यह चाहते हैं कि जनता की आवाज़ सुनी जाए और न्यायपालिका पर हमला बंद किया जाए।
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